14.2 C
Dehradun, IN
February 11, 2026
Home | Phalikhabar24x7 Local and National News in Hindi
उत्तराखंड

Budget 2026 से पहले जनता के बीच CM धामी, महिला सुरक्षा और पलायन रोकने पर मांगे सुझाव

चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत दौरे के दौरान बनबसा एनएचपीसी सभागार में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस कार्यक्रम में सीएम धामी ने व्यापारी वर्ग, पर्यटन कारोबारी, महिला समूह, जनप्रतिनिधि समेत विभिन्न क्षेत्रों के हित धारकों से संवाद किया. सीएम धामी ने कहा कि बजट किसी भी राज्य की दशा और दिशा को तय करता है. बजट पूरे संवाद में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से सुझाव लिए गए हैं. ताकि, समय पर उन सुझाव पर काम किया जा सके.
बनबसा एनएचपीसी सभागार में सीएम धामी की अध्यक्षता में बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ. जनभागीदारी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और संतुलित विकास पर व्यापक मंथन किया गया. कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया. इस मौके पर राज्य के सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बीते 5 सालों में उत्तराखंड के कैपिटल आउटलेट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. यह राशि 7534 करोड़ रुपए से बढ़कर 14765 करोड़ रुपए पहुंच गई है. राज्य की जीडीपी वर्ष 2021-22 में 2 लाख 54 हजार करोड़ रुपए हो गई है, जो लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है.
वित्त सचिव ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. इस संवाद कार्यक्रम में सीएम धामी के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों और हितधारकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए. ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सीवर लाइन और शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए रिक्त भूमि के उपयोग और जिला पंचायत सदस्यों के लिए मानदेय और अध्ययन भ्रमण की व्यवस्था जैसे सुझाव दिए गए.
शहरी विकास के अंतर्गत नगर निकायों के बजट और संसाधनों में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर पैनल स्थापना, सड़कों और नालियों के बेहतर रखरखाव और रजिस्ट्री शुल्क का आंशिक हिस्सा नगर निगमों को उपलब्ध कराने के सुझाव रखे गए. जबकि कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में बागवानी और वैल्यू क्रॉप को बढ़ावा देने, कीवी और ब्लूबेरी जैसे फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित करने, किसानों और विभागीय कार्मिकों के तकनीकी प्रशिक्षण, दूरस्थ क्षेत्रों के कृषकों को विशेष सहायता और फल उत्पादन सब्सिडी को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किए जाने के सुझाव सामने आए.

इसके अलावा, उद्योग विकास के अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध खाली भूमि पर उद्योग स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने, एमएसएमई को वित्तीय सहायता, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा और औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर बल दिया गया.
महिला सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, महिलाओं को ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने और अस्पतालों की कैंटीन जैसी सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता से रोजगार देने के सुझाव प्रस्तुत किए गए. जबकि पर्यटन क्षेत्र में हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, नेचर टूरिज्म एवं ट्रैकिंग को प्रोत्साहन और एग्री-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदाय को पर्यटन से जोड़ने की बात कही गई. इसके अतिरिक्त राज्य में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण, ऊर्जा संकट के समाधान हेतु ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, कृषि आधारित उद्योगों पर जीएसटी में कमी, मंडी शुल्क में कमी, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, नगर निकायों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने और जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट देने जैसे सुझाव भी प्राप्त हुए.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं की दिशा में कार्य करेगी. उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जो गर्व का विषय है. उन्होंने आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा.

Related posts

अब मजबूरी नहीं बनेगी पहचान: 484 एकल महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

Phali Khabar24x7

देहरादून में एक और Toll Plaza पर टोल वसूली शुरू, स्थानीय लोगों के लिए इतने रुपयों मासिक पास की सुविधा

Phali Khabar24x7

हरीश रावत की तबीयत बिगड़ी: दून अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने दी एंजियोग्राफी की सलाह

Phali Khabar24x7

Leave a Comment