32 C
Dehradun, IN
April 14, 2026
Home | Phalikhabar24x7 Local and National News in Hindi
उत्तराखंड

सीएम धामी और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने हरिद्वार में ‘ध्वज वंदन समारोह” में किया प्रतिभाग: माता भगवती देवी शर्मा के जीवन को किया नमन

यह शताब्दी समारोह वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का साक्षात उदाहरण:  सीएम धामी

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘ध्वज वंदन समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह शताब्दी समारोह वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का साक्षात भावात्मक अभिव्यक्ति है। माताजी का संपूर्ण जीवन त्याग, बलिदान और साधना की वह ज्योति है, जिसने असंख्य जीवनों को सही दिशा और नई दृष्टि दी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार को किसी एक संगठन की सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता, यह उस युग चेतना का वह प्रवाह है, जो व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र के उत्थान की ओर अग्रसर करता है।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक चेतना का स्मरण करते हुए कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे तीर्थस्थल भारत की आत्मा की धड़कन हैं। ऐसे पावन परिवेश में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय संस्कृति, संस्कार और साधना परंपरा के नवजागरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बचाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया गया है। सख्त दंगारोधी कानून एवं धर्मांतरण कानून भी लाया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है।

इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार के त्रिवेणी संगम यह शताब्दी समारोह नवयुग का निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण के माध्यम से ही संभव हुआ है। जब समाज के व्यक्ति नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का निर्माण होता है। जनशताब्दी समारोह इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है।

शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समारोह किसी वैराग्यपूर्ण एकांत तपोभूमि का आयोजन नहीं है, बल्कि यह युगऋषि पूज्य आचार्यश्री का “खोया-पाया विभाग” है, जहाँ व्यक्ति स्वयं को और अपने दायित्व को पुनः खोजता है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य किसी के द्वार पर खड़ा होकर प्रतीक्षा नहीं कर रहा, वरन् यह आयोजन स्वयं आपके सौभाग्य का द्वार खोलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने समाज परिवर्तन का संदेश देते हुए कहा कि “गंगा की कसम, यमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।” उन्होंने जनसमूह से आत्मपरिवर्तन को ही सामाजिक परिवर्तन की प्रथम शर्त बताते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं बदलने का साहस करता है, तभी राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की नींव सशक्त होती है। शताब्दी समारोह का उद्देश्य भी इसी चेतना को जाग्रत करना है, ताकि विचार, आचरण और कर्म के स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सके।

इस दौरान कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, दायित्वधारी श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, जिला अध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

Related posts

जौलीग्रांट एयरपोर्ट से 12 शहरों के लिए 34 उड़ानें, पिथौरागढ़–नवी मुंबई–जयपुर के लिए सीधी फ्लाइट शुरू

Phali Khabar24x7

आज से बोर्ड परीक्षा शुरू,शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने सभी परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं..

Phali Khabar24x7

हल्द्वानी में सड़कों का हाल बेहाल! गुस्साए लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

Phali Khabar24x7

Leave a Comment