20.7 C
Dehradun, IN
April 12, 2026
Home | Phalikhabar24x7 Local and National News in Hindi
उत्तराखंड

खुशखबरी: नए साल में शिक्षा विभाग में होंगी बंपर भर्तियां, 6000 नौकरियां देगी सरकार

देहरादून: साल 2026 में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के तहत एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है. इस कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सकल नामांकन अनुपात बढ़ाना और विद्यालयी शिक्षा में प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक रैंकिंग को देशभर में दो अंकों से नीचे तक पहुंचाना है.

इसके लिये शैक्षणिक ढांचे, मानव संसाधन, डिजिटल शिक्षा और पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर सुधार किए जाएंगे. शिक्षा विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केन्द्र को अपग्रेड करते हुए प्रदेश के शत-प्रतिशत विद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे सभी विद्यालयों का शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत ढांचे से संबंधित डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा. इससे नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सकेगा.

नई कार्ययोजना का सबसे अहम और प्रमुख बिंदु शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती है. वर्ष 2026 में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विभिन्न संवर्गों में 6000 से अधिक रिक्त पदों को भरा जाएगा. प्राथमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (बेसिक) के 1670 रिक्त पदों, सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है. वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के 808 पदों पर भर्ती चल रही है, जबकि सहायक अध्यापक एलटी के एक हजार से अधिक पदों को नए वर्ष में भरा जाएगा.

इसके अलावा समग्र शिक्षा के अंतर्गत 324 लेखाकार सह सपोर्टिंग स्टाफ, 161 विशेष शिक्षक, 95 कैरियर काउंसलर तथा विद्या समीक्षा केन्द्र के 18 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाएगा. इस बड़े स्तर की भर्ती से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

एनईपी-2020 के तहत एससीईआरटी द्वारा तैयार नई राज्य पाठ्यचर्या को लागू किया जाएगा. इसमें विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है. प्रभावी क्रियान्वयन के लिये 240 दिवस का शैक्षणिक सत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें 200 शिक्षण दिवस, 20 दिवस परीक्षा व मूल्यांकन तथा 10-10 दिवस बस्ता रहित एवं अन्य गतिविधियों के लिये रखे गए हैं. कक्षा 11 से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी.

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा. इसके लिये यूजीसी मानकों के अनुरूप सेवा नियमावली तैयार कर पृथक शिक्षक संवर्ग का गठन किया जाएगा, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा.

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 840 राजकीय विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. हाइब्रिड मोड में वर्चुअल और स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी.

Related posts

चमोली में भालू के हमले में ग्रामीण घायल, किया गया एयरलिफ्ट, ऋषिकेश में युवकों को दौड़ाया

Phali Khabar24x7

हरिद्वार को मिलेगा आधुनिक रोपवे सिस्टम, सचिवालय में बनी आगे की रणनीति

Phali Khabar24x7

ट्रियो कप 2026 फाइनल: दीपक तोमर के 63 रन, एमडीडीए-यूपीसीएल की पावर पैंथर्स ने रचा इतिहास

Phali Khabar24x7

Leave a Comment